भाषा के कितने रूप होते हैं? Bhasha Ke Kitne Bhed Hote Hain

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Bhasha Ke Kitne Bhed Hote Hain

किसी भाषा के भेद या प्रकार कितने होते हैं? या हम कह सकते हैं कि भाषा के कितने रूप होते हैं? तो भाषा के तीन रूप होते हैं, भाषा के यह तीन रूप कौन-कौन से होते हैं? दोस्तों एक बात स्पष्ट है कि यहां पर भाषा के रूप या भेद या प्रकार की चर्चा हो रही है बल्कि यहां पर यह बात नहीं की जा रही है कि भाषा की कितनी संख्याएं हैं? बल्कि भाषा के कितने रूप होते हैं उनकी बात यहां पर की जा रही है वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दुनिया भर में 7000 से अधिक भाषाएं बोली जाती हैं। इसे भी पढ़ें- लिपि किसे कहते है.

भाषा की परिभाषा बताइए?

भाषा के कितने रूप होते हैं? भाषा के तीन रूप होते हैं, यह बात जानने से पहले जान नीचे की भाषा क्या होती है? जब मनुष्य अपने अंदर की अभिव्यक्ति प्रकट करना चाहता है और इसके लिए वह बोलकर या लिखकर यह बात बताता है तो उसे भाषा कहते हैं। इसे भी पढें- बोली किसे कहते हैं?

भाषा के कितने रूप हो या भेद होते हैं?

  • जैसा कि बताया भाषा के तीन रूप होते हैं। दोस्तों दुनिया के किसी भी भाषा में भाषा के तीन रूट या फिर या प्रकार होते हैं।
  • मौखिक भाषा oral language,
  • लिखित भाषा language और
  • सांकेतिक भाषा (Sign language)

मौखिक भाषा इसे कहते हैं?

भाषा के रूप में पहला मौखिक भाषा रूप है। जब हम कोई चीज बोलते हैं, दो व्यक्ति आपस से बातचीत करते हैं भाषण दिया जाता है समाचार पढ़ा जाता है तो या भाषा का मौखिक रूप कहलाता है। आम बोलचाल की भाषा को बोली कहा जाता है। बोली क्या होता है क्लिक करके पढ़ें। मौखिक भाषा का अपना महत्व होता है। इसमें सही उच्चारण सही तरीके से बोलना इत्यादि सिखाया जाता है। भाषण कला, नाटक, बातचीत यह सब मौखिक भाषा की कलाएं है।

लिखित भाषा किसे कहते हैं?

जब हम अपनी अभिव्यक्ति को जो विचारों और भावनाओं के रूप में होती है उसे लिपि की सहायता से किसी कागज या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम में श्लिखते हैं तो उसे लिखित भाषा कहते हैं। प्राचीन समय में गुफाओं में और पत्र लेखन या संदेश लेखन इसका विकास हुआ है जो आज आधुनिक युग में वेबसाइट, पत्र लेखन, अखबार-पत्रिकाओं में लेखन आदि लिखित भाषा का ही रूप है।

भाषा के तीसरे रूप को क्या कहते हैं, सांकेतिक भाषा किसे कहते हैं?

दोस्तों भाषा के तीसरे रूपों को सांकेतिक भाषा कहते हैं। जब आप सड़क पर अपने वाहन पर बैठे चौराहे पर पहुंचते हैं तो ट्रैफिक पुलिस खड़ा होकर इशारा करता है, वह आपको रोकने या जाने का इशारा करता है तो यहां पर ना किसी मौखिक भाषा का इस्तेमाल हुआ और ना ही कोई लिखित भाषा का इस्तेमाल हुआ, देखिए ट्रैफिक पुलिस संकेत के द्वारा ट्रैफिक संभाल रहा है।

वह  हाथ उठाकर वाहन को रोक रहा है और हाथ के दूसरे इशारे से दूसरे वाहनों को जाने का संकेत दे रहा है। 

संकेत के माध्यम से अपनी बातें कह रहा है तो इसे सांकेतिक भाषा कहा जाता है। भाषा का तीसरा रूप सांकेतिक भाषा का होता है। शुरुआत में जब भाषा का मौखिक रूप और लिखित रूप इतना विकसित नहीं हुआ था तो सांकेतिक रूप से ही हम लोग बात एक दूसरे से समझते थे। छोटा बच्चा होता है तो उसके पास लिखित और मौखिक अभिव्यक्ति का ज्ञान नहीं होता है तो वह हाथ पैर सिर  से संकेत करके अपनी बातों को आसानी से चाहता है। गूंगे बहरे लोग भी सांकेतिक भाषा का इस्तेमाल करते हैं वह अपने हाथों और उंगलियों को विभिन्न मुद्राओं (actions) दूसरे से बात करते हैं।

निष्कर्ष

तो हमने इस प्रश्न के उत्तर में की भाषा के कितने रूप होते हैं? मैंने बताया भाषा के तीन रूप प्रकार या भेद होते हैं। मौखिक लिखित और सांकेतिक भाषा भाषा के तीन रूप हैं।   दुनिया के किसी भी भाषा में भाषा के यह तीन रूप जरूर पाए जाते हैं।

अब आपकी बताने की बारी?

 तो दोस्तों इस आर्टिकल में आपने बहुत कुछ सीखा है और मेरा दावा है कि अब आप निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर बड़ी आसानी से दे पाएंगे, तो इसी आशा के साथ कि आप कमेंट बॉक्स में इन प्रश्नों के उत्तर जरूर लिखकर बताएंगे, निम्नलिखित यह प्रश्न आपके सामने हैं-

  •  दोस्तों आप बता सकते हैं कि अगर आप सिनेमा देख रहे हैं तो भाषा के किस रूप का इस्तेमाल वहां पर हो रहा है?
  • तो क्या आप बता सकते हैं  कि क्रिकेट मैच में खिलाड़ी ने छक्का मार दिया और अंपायर ने भाषा के किस रूप में यह बात बताई?
साधना अजबगजबजानकारी की एडिटर और Owner हूं। मैं हिंदी भाषा में रूचि रखती हूं। मैं अजब गजब जानकारी के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हूं | मुझे ज्यादा SEO के बारे में जानकारी तो नहीं थी लेकिन फिर भी मैने हार नहीं मानी और आज मेरा ब्लॉग अच्छे से काम कर रहा है।

1 COMMENT

  1. आप बहुत ही अच्छे आर्टिकल शेयर करती हो आपने अपने ब्लॉग को किस तरह से मेनिज किया है कृपया करके मुझे भी बताये क्योकि मेरा भी एक रेसिपी ब्लॉग है जिसे बनाये दो साल हो गए है लेकिन अभी तक वह अच्छे से नहीं चल रहा है जिस तरह से आपको seo के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है उसी तरह से मुझे भी seo के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है कृपया आप बताये आपने अपने ब्लॉग को बेहतर कैसे बनाया है।
    एक बारा ब्लॉग भी चेक करे प्लीज।

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