बोली किसे कहते हैं? Boli Kise Kahate Hain

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बोली किसे कहते हैं

बोली किसे कहते हैं? Boli Kise Kahate Hain:

बोली के बारे में समझने के लिए आप को समझना होगा कि भाषा किसे कहते हैं। जब किसी बड़े क्षेत्र में बोली (Boli)जाने वाली बोली भाषा कहलाती है। भाषा का अपना व्याकरण और लिखित रूप में लिपि होता है। लिपि इसे कहते हैं? जैसे अंग्रेजी और हिंदी एक भाषा के रूप में जानी जाती है क्योंकि इसकी एक लिपि है और इसका व्याकरण भी है।

क्या बोली को किसी लिपि में लिख सकते हैं क्या बोली की लिपि होती है?

ऊपर के प्रश्न का जवाब हिंदी के बोली से भाषा बनने की सफर के जरिए मैं बताने जा रहा हूं-

बोली का इतना विकास अगर हो जाए तो उसकी लिपि और उसका व्याकरण और साथ में एक अच्छा साहित्य हो तो निश्चित तौर पर आने वाले समय में वह भाषा का रूप ले लेती है। हिंदी का सफर भी एक बोली के रूप में शुरू हुआ और फिर वह एक भाषा के रूप में अपनी पहचान बना ली भले ही उसकी लिपि और व्याकरण का अधिकांश हिस्सा संस्कृत से लिया गया है।

बोली देश के किसी भी भाग में बोली जाने वाली वह भाषा है, जिसका अपना साहित्य नहीं होता, अपनी लिपि नहीं होती। लेकिन ब्रज, अवधी, खड़ी बोली में साहित्य रचना भी हुई परंतु आगे चलकर केवल खड़ी बोली ही वर्तमान हिंदी भाषा का रूप ले पाई। जिसका व्यवहार हम करते हैं और जिनकी अपनी लिपि है।

अब बात करते हैं कि बोली किसे कहते हैं। बोली किसी एक विशेष क्षेत्र में बोली जाती है। यानी उसका दायरा इतना बड़ा नहीं होता है यानी लोगों की बोलने की कम संख्या के कारण वह बोली भाषा नहीं बन पाती है। बोली का अपना सही व्याकरण नहीं होता है। बोली में साहित्य तो रचे जाती है लेकिन बोली की लिपि और जाकर किसी भाषा पर ही निर्भर होता है इसलिए क्षेत्रीय स्तर पर उसे बोली ही कहा जाता है।

हिंदी एक भाषा है तो उसकी कितनी बोलियां है?

दोस्तों हिंदी देवनागरी लिपि में लिखी जाने वाली भाषा है और यह करोड़ों लोग इसे बोलते हैं इसलिए इसे भाषा का दर्जा दिया गया है इसका व्याकरण भी वैज्ञानिक तरीके से लिखा गया है इसलिए यह हर जगह एक रुप तरीके से लिखी और बोली जाती है। हिंदी कई बोलियों का एक समूह भी है। मैं जो यह लेख लिख रहा हूं वह हिंदी भाषा की खड़ी बोली में लिखा जा रहा है। हिंदी की मानक भाषा Devnagri Script में मैंने लिपि के सभी वर्तनी यहां पर लिखी है।

हिंदी की खड़ी बोली किसे कहते हैं?

दोस्तों हिंदी कई बोलियों से अपना सफर तय करते हुए आज खड़ी बोली हिंदी अपने भाषा के स्तर पर दुनिया की सर्वाधिक तीसरी बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है।

आइए आपको बता दें कि हिंदी की बोलियां कितनी है तो आप समझ जाएंगे की बोलियां क्या होती है?

दोस्तों हिंदी की 18 बोलियाँ है और आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि हर बोलियां एक तरह से उपभाषाएं भी कहलाती है।
इनमें से प्रमुख बोलियों का नाम नीचे दिया हुआ है- अवधी, ब्रजभाषा, कन्नौजी, बुंदेली, बघेली, हड़ौती,भोजपुरी, हरयाणवी, राजस्थानी, छत्तीसगढ़ी, मालवी, नागपुरी, खोरठा, पंचपरगनिया, कुमाउँनी, मगही आदि प्रमुख हैं। दोस्तों मैं इसे आप को इस तरह से समझाना चाहता हूं कि अगर आप उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और आप हिंदी भाषा बोलते हैं क्योंकि यहां की मातृभाषा हिंदी है और राष्ट्रभाषा देश की हिंदी मानी जाती है।

हिंदी बोली को रोचक उदाहरण से समझें

तो दोस्तों अगर आप लखनऊ के किसी गांव में जाते हैं तो वहां पर आपको बोली में अवधी बोली स्थानीय लोग बोलते हैं, अवधी भाषा में रामचरितमानस तुलसीदास द्वारा लिखी गई है जो इतना चर्चित हुई है कि इस कारण से यह बोली आज तक साहित्य के रूप में भी जीवित है और हिंदी भाषा में पढ़ाने के लिए इसे प्रयोग में लाया जाता है। और जैसे ही आप लखनऊ से इलाहाबाद की ओर से होते हुए बनारस पहुंचते हैं तो आपको भोजपुरी भाषा की बोली सुनने को मिलती है जी हां दोस्तों हिंदी भाषा की एक बोली भोजपुरी भी है जैसा कि मैंने उदाहरण में बताया है।

हिंदी की कितनी बोलियां हैं?

यह आर्टिकल हिंदी की खड़ी बोली में लिखी जा रही है। जैसा मैंने बताया कि हिंदी की कई बोलियां हैं। दोस्तों हिंदी एक वैज्ञानिक और इसकी देवनागरी लिपि सभी भाषाओं की ध्वनियों को आसानी से लिख सकता है। हिंदी की कुल 18 बोलियां हैं। उत्तर प्रदेश राजस्थान मध्य प्रदेश बिहार उत्तरांचल दिल्ली हरियाणा आदि राज्यों में हिंदी प्रमुखता से बोली जाती है आबादी के 90% से अधिक भारतीय लोग हिंदी की भाषा और हिंदी के एकता सूत्र वाली भावनाओं को अच्छी तरीके से समझते हैं। भारत में हिंदी भाषा बोलते है। कई राज्यों की राज्य की भाषा हिंदी ही है। मॉरीशस, वियतनाम, अमेरिका कनाडा, नेपाल आदि में भी हिंदी बोलने वालों की अधिक संख्या है।

आशा है कि इस लेख से आप भाषा और बोली के बीच में क्या अंतर है या बड़ी आसानी से व्यवहारिक तरीके से समझ गए होंगे दोस्तों, इस तरह के प्रश्नों के उत्तर एकेडमिक में समझने में थोड़ा दिक्कत होता है लेकिन व्यवहारिकता में इस तरह के प्रश्नों के उत्तर हमारे इस वेबसाइट में आसानी से पा सकते हैं।

साधना अजबगजबजानकारी की एडिटर और Owner हूं। मैं हिंदी भाषा में रूचि रखती हूं। मैं अजब गजब जानकारी के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हूं | मुझे ज्यादा SEO के बारे में जानकारी तो नहीं थी लेकिन फिर भी मैने हार नहीं मानी और आज मेरा ब्लॉग अच्छे से काम कर रहा है।

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