मकर संक्रांति के दिन धोखें से भी न कर दें ये काम, वरना….

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Makar Sankranthi festival in hindi -सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में जानां संक्रांति कहलाता है. पूरे साल में 12 बार संक्रांति पड़ती हैं लेकिन इन सब में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण मकर संक्रांति होती हैं जिसे पूरे देश में बड़ी धूम-धाम से अपनी अपनी क्षेत्रीय परम्पराओं के अनुसार मनाया जाता है. मकर शांति इस साल 14 जनवरी को पड़ रही है. कहा जाता है कि सूर्य अपने पुत्र शनिदेव से मिलने आते हैं. सामान्यतः शुक्र का उदय भी लगभग इसी समय में होता है इस कारण यहां से शुभ कार्यों की शुरूआत हो जाती है. यही वज है कि मकर संक्रांति के दिन कुछ शुभ फल मिलते हैं तो कुछ काम ऐसे हैं जिन्हे करने की मनाही है. आइये जानते हैं इन कामों के बारे में-

नहाने से पहले न करें ये काम-

बहुत से लोग होते हैं जो नहाने से पहले कुछ चाय पानी या फास्ट फूड खा पी लेते हैं लेकिन इस दिन ऐसा बिल्कुल न करें. मान्यता है कि इस दिन गंगा नदी या आस पास पड़ने वाली नदी में स्नान एवं दान करके ही भोजन खाना चाहिए लेकिन आप गंगा नदी में नहीं नहा सकते तो कम से कम घर में ही जरूर नहा लें.

महिलाओं को नहीं करना चाहिए यह काम-

मकर संक्रांति के दिन महिलाओं को बाल धुलने की मनाही है. इसके साथ ही मंजन भी नहीं करना चाहिए.

इस दिन न करें इन चीजों का सेवन-

मकर संक्राति के दिन किसी भी प्रकार के मांस, अंडा तो दूर लहसुन व प्याज का भी सेवन नहीं करना चाहिए.

नशा नहीं करना चाहिए-

मकर संक्रांति के दिन शराब, सिगरेट , गुटका आदि किसी भी प्रकार का सेवन नहीं करना चाहिए.  इसके साथ ही इस दिन मसाले दार सब्जियों का सेवन भी नहीं करना चाहिए. मकर संक्रांति के दिन मूंग दाल की खिचड़ी आदि का सेवन करने के साथ दान भी करना चाहिए.

किसी को भी अपने घर से खाली हाथ न लौटाएं-

मकर संक्राति के दिन अगर कोई भिखारी, साधू या कोई बुजुर्ग आ जाये तो उसे खाली हाथ न लौटाएं. अपने सामर्थ्य के मुताविक कुछ न कुछ जरूर दान करें.

अपनी शब्दों का सोच समझकर चुनाव करें-

मकर संक्रांति के दिन अपनी वाणी और गुस्से पर कंट्रोल रखें, किसी भी प्रकार के अपशब्द न बोलें जितना हो सके मधुर वाणी बोलें.

पेंड़ों के साथ न करें ये काम-

मकर संक्रांति के दिन यदि आपके घर में या बाहर कोई पेड़ लगा है तो उसकी कटाई या छंटाई बिल्कुल न करें.

शाम के समय न करें ये काम-

यदि सूर्य की कृपा पाना चाहते हैं तो सूरज ढलने के उपरांत इस दिन भोजन न करें.

गाय-भैंस न दुहें-

मकर संक्रांति के दिन गाय भैंस को न दुंहे ।

फसल को नहीं काटे-

मकर संक्राति फसल और पृकृति से जुड़ा हुआ त्योहार है, इस कारण इस दिन फसल नहीं काटना चाहिए.

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