ईस्टर क्या है इसे क्यों मनाते हैं, जाने पूरी जानकारी

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All about Easter in Hindi

All about Easter in Hindi– ईसाई धर्म के मुताबिक, ईसा मसीह (यीशु मसीह) को जब सूली (सलीब) पर चढ़ा दिया गया था तब यीशु जी उठे थे….लोगों द्वारा बधाई हो…बधाई हो कहा जाने लगा. इसे ही हैप्पी ईस्टर कहा जाता है. आपको अभी भी ज्यादा समझ में नहीं आया होगा. तो आइये विस्तार से समझते हैं कि आखिर होता क्या है हैप्पी ईस्टर।

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ईस्टर  संडे की कहानी-Story of Easter Sunday

करीब 2 हजार वर्ष पूर्व यरूशलम के पहाड़ों पर यहूदियों एवं रोमन सरकार ने ईसा मसीह को सूली पर लटका दिया गया था, जिस कारण उनकी मृत्यु हो गयी थी। माना जाता है कि यीशु की मृत्यु होने के उपरांत उनके मृत शरीर को कब्र में दफन कर दिया गया था।

लेकिन मौत के तीन दिवस बाद रविवार के दिन ईसा मसीह कब्र में से जीवित हो उठे। कहा जाता हैं ईसा पुनः जीवित होकर किसी धर्म या जाति की स्थापना करने के लिए नहीं आये बल्कि वह प्रेम और सत्य का संदेश बांटने के लिए आये थे। ईसा मसीह जीवित होने के बाद करीब 40 दिनों तक अपने भक्तों को दर्शन देते रहे। ऐसा माना जाता है कि आज भी यीशु की कब्र खुली हुई है।

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ईस्टर का अर्थ-Meaning of easter

ईस्टर शब्द की उत्पत्ति जर्मन के “ईओस्टर” शब्द से हुई जिसका मतलब होता है देवी। इसे क्रिश्चियन समुदाय के लोग बसंत की देवी भी मानते हैं। जिसे लोग बड़े ही उत्साह से सम्पूर्ण विश्व में मनाते हैं। इसके बारे मे एक पौराणिक कही है कि जिस प्रकार एक उदासी से भरा माहोल रहता है लेकिन बसंत आने पर माहौल खुशनुमा हो जाता है. उसी तरह शैल (खोल) यीशु की कब्र के बारे मे दर्शाता है।

ईस्टर अंडे का महत्व –Importance of easter eggs

ईस्टर में अड़े को बहुत ज्यादा महत्व दिया जाता है, क्योंकि जिस तरह चिड़िया सबसे पहले अपने घोंसले में अंडा देती है उसके बाद उसमें से चूजे निकलते हैं. इसी तरह यहा अंडे को शुभ माना जाता है. ईस्टर में अंडे का बहुत तरीके से उपयोग किया जाता है. यह शुभ संकेत होता हैं जो लोगों में उत्साह भर देता है।

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ईस्टर पर्व को कैसे मनाते हैं-How to celebrate the Easter Feast

ईस्टर सम्पूर्ण दुनिया में बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जाता हैं. इस दिन ईसाई समुदाय के लोग रात्रि को गिरजाघरों में इकट्ठा होकर मोमबत्ती जलाते हैं और पूरी रात ईसा मसीह का नाम लेकर उनके द्वारा किये गये सन्देशों को याद करते हुए रात्रि जागरण करते हैं।

ईस्टर संडे के दिन लोग इकट्ठा होकर सुबह फिर से गिरजाघरो में मोमबत्ती जलाकर ईसा के पुनः जीवित होने की खुशी मनाते हैं। इस दिन वह ईसा की आराधना के साथ भोज में भी सम्मिलित होते हैं एवं एक दूसरे को ईसा मसीह के पुनः जीवित होने की शुभकामनाएं भी देते हैं।

इतना ही नहीं इस दिन ईसाई समुदाय के लोग अपने घरों में भी सजी हुई मोमबत्तियां लाकर जलाते हैं एवं मोमबत्तियों को अपने दोस्तो व रिश्तेदारों में वितरित कर भोज भी करते हैं।

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