बिजली का आविष्कार किसने किया । Bijali Ka Avishkar Kisne Kiya Tha

बिजली का आविष्कार किसने किया (Bijali Ka Avishkar Kisne Kiya Tha) और इसके खोज करता कौन थे। बिजली को पैदा कैसे किया जा सकता है। इसके बारे में पढ़ें विस्तार से

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Bijali Ka Avishkar Kisne Kiya Tha
Bijali Ka Avishkar Kisne Kiya Tha

Bijali Ka Avishkar Kisne Kiya Tha: विद्युत, दामिनी चपला इत्यादि संस्कृत में बिजली के पर्यायवाची नाम है। संस्कृत भाषा में बिजली का पर्यायवाची इन नामों से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि प्राकृतिक रूप से आसमानों में चमकने वाली बिजली के बारे में इंसानों को मालूम था और उसे भौतिक रूप में किस तरह से प्रयोग किया गया इसके बारे में यानी कि बिजली का आविष्कार किसने किया आइए जाने-Bijali Ka Avishkar Kisne Kiya Tha?

बिजली का आविष्कार किसने किया । Bijali Ka Avishkar Kisne Kiya Tha

बिजली का आविष्कार किसी एक व्यक्ति ने नहीं किया बल्कि इसको इसका प्रयोग आज के रूप में करने की तकनीक विकसित करने में सैकड़ों साल लग गया। तो आइए जाने बिजली के अविष्कार का इतिहास लेकिन उससे पहले बता दें कि बिजली Electric Current को खोजने का श्रेय बेंजामिन फ्रैंकलिन को दिया जाता है।

लेकिन उससे पहले  दुनिया के महान विज्ञानी दार्शनिक थेल्स ने बिजली के प्रभाव के बारे में खोजा था। उन्होंने विद्युत प्रभाव को खोजा था कि जिसमें उन्होंने चीड़ (एम्बर) पेड़ का सड़ा हुआ गोंद  को कपड़े पर रगड़ने से  इलेक्ट्रिक चार्ज का पता लगाया था जिसके प्रभाव से पत्तों, पंखों आदि को आकर्षित करने की क्षमता रखता है। घर्षण बिजली भी कहा गया।

बिजली को कैसे पैदा किया जा सकता है

दोस्तों  बैटरी से बिजली पैदा करने की तकनीक बहुत पुरानी है। सन 1930 के दशक में खुदाई में तांबे के बर्तन पाए गए थे जो प्राचीन बैटरी बनाने के लिए इस्तेमाल किए गए थे। दोस्तों प्राचीन रोमन में रोशनी के लिए इस तरह के बैटरी का प्रयोग किया जाता था। इसी तरह के गैजेट्स बगदाद में भी खुदाई करने पर मिला है इस बैटरी का इस्तेमाल प्राचीन लोग करते थे।

17 वीं शताब्दी में बिजली की खोज

बिजली को जनरेट करना यानी पैदा करने की तकनीक पर काम 17 वीं शताब्दी में शुरू हुआ। इलेक्ट्रिक से जुड़ी कई खोजे हुई थी जिनमें इलेक्ट्रोस्टेटिक जनरेटर बिजली से पॉजिटिव और नेगेटिव करंट और कंडक्टर इंसुलेटर गजट का निर्माण।

दोस्तों  1752 में महान विज्ञानिक बेन फ्रैंकलिन ने साबित कर दिया कि जो बादल में बिजली उत्पन्न होती है और जो चिंगारी पैदा होती है, दोनों बिजली ही है। इसके लिए उन्होंने एक प्रयोग किया उन्होंने एक  पतंग और चाबी की मदद से इस प्रयोग को किया।  18 वीं शताब्दी में इटली के  भौतिक विज्ञानी एलेसेंड्रो वोल्टा ने  रासायनिक रिएक्शन की सहायता से बिजली का  उत्पादन किया।  उन्होंने सन 1800 में वोल्टाइक पाइल का आविष्कार किया इसमें लगातार बिजली पैदा होती थी।

इस तरह से आप जान गए कि प्रकृति में पैदा होने वाली बिजली कई तरीके से हम पैदा कर सकते हैं लेकिन इसके बारे में जानने का सबसे पहले महत्व बेन फ्रैंकलीन हो जाता है।

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साधना अजबगजबजानकारी की एडिटर और Owner हूं। मैं हिंदी भाषा में रूचि रखती हूं। मैं अजब गजब जानकारी के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हूं | मुझे ज्यादा SEO के बारे में जानकारी तो नहीं थी लेकिन फिर भी मैने हार नहीं मानी और आज मेरा ब्लॉग अच्छे से काम कर रहा है।

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