शहीद दिवस – Martyrs’ Day in hindi | इनकी शहादत को सलाम

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Martyrs' Day in hindi

Martyrs’ Day in hindi – शहीद दिवस उन भारतीय लोगों को श्रद्धाजंलि देने के लिए मनाया जाता हैं जिन्होंन भारत की आजादी, जनकल्याण और देश की प्रगति के लिए लड़े और उन्होंने अपने प्राणू की आहूति दे दी। दुनिया भर उन 15 देशों में भारत शामिल हैं जहां प्रत्येक साल अपने स्वतंत्रता सेनानियों क श्रद्धाजंलि देने लिए शहीद दिवस बहुत ही सम्मान के साथ मनाया जाता  है.

शहीद दिवस 2018

इस साल शहीद दिवस 30 जनवरी व 23 मार्च को भारत में मनाया जायेगा.

आखिर शहीद दिवस 30 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है-

30 जनवरी 1948 को सूर्यास्त से पहले प्रार्थना के दौरान महात्मा गांधी की नाथूराम गोड़से द्वारा गोली मारकर  हत्या कर दी गई थी। इसी कारण 30 जनवरी को महात्मां गांधी को श्रद्धांजिलि देने के लिए प्रत्येक वर्ष शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता हैं. महात्मा गांधी ने भारत को आजाद कराने में अहम भूमिका निभाई थी वह महान स्वतंत्रता सेनानी थे और हजारों शहीदों में वह महान देशभक्त के रूप में जाने जाते हैं. उन्होंने अपने पूरे जीवन भर देश की आजादी, विकास और कल्याण के लिए कड़ा संघर्ष किया.

भारतीय इतिहास में 30 जनवरी 1948 का दिन सबसे बड़ा दुःख का दिन गिना जाता हैं । गांधी स्मृति वह जगह हैं जहां सायं की प्रार्थना के दौरान बिरला हाउस में महात्मा गांधी की हत्या हुई थी.

एक ऐसा व्यक्ति जिसके नेतृत्व में हमे आजादी की कठिन जीत हासिल हुई ऐसे महापुरूष को खो देना देश के लिए सबसे बड़ा दुर्भाग्य था। उनकी हत्या प्रार्थना सभआ में शामिल भीड़ भाड़ के सामने कर दी गई थी. उन पर हुए हमले के बाद बिरला हाउस में भारी संख्या में लोग जमा हो गये. हमारे राष्ट्रपिता जिन्हे हम बापू भी कहते थे एक महान इँसान थे. उन्होने सत्य अहिंसा का मार्ग पकड़कर अपना पूरा जीवन लाखों लोगों के साथ आजादी की लड़ाई के लिए बलिदान कर दिया.

सम्पूर्ण देश में प्रत्येक वर्ष शहीद दिवस पर हमारे शहीदों की याद में मनाया जाता हैं और उन्हे श्रद्धासुमन अर्पित किए जाते हैं.

शहीद दिवस 23 मार्च को क्यों मनाया जाता है-

भारत की स्वतंत्रता में तीन ऐसे वीर सपूत थे. जिनकी शहादत ने देश के नौजवानों में आजादी के लिए अभूतपूर्व जागृति का शंखनाद किया. अंग्रेजों द्वारा 23 मार्च को लाहौर में षडयंत्र केस में फंसाकर महान देशभक्त सुखदेव, भगत सिंह और राजगुरू को फांसी पर चढ़ा दिया था. भारत की आजादी के लिए इन वीर सपूतों ने ब्रिटश सरकार से जमकर लोहा लिया था.

पंजाब के लायलपुर में सिक्ख परिवार में 28 सितंबर 1907 को जन्म भगत सिंह भारतीय इतिहास के महान स्वतंत्रा सेनानियों में गिने जाते हैं. भगत सिंह द्वारा अपने साथी राजगुरू और सुखदेव व जय गोपाल के साथ मिलकर लाला लाजपत राय पर लाठी चार्ज करने के विरोध में लड़ाई लड़ी थी. शहीद भगत सिंह का साहसिक कार्य  आज के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत का कार्य कर रहा है.

शहीद दिवस कैसे मनाते हैं-

शहीद दिवस के दिन भारत के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधान मंत्री आदि दिल्ली के राजघाट पर बापू की समाधि पर फूलों की माला चढ़ाकर व सैन्य बलों द्वारा सलामी देकर श्रद्धाजलि दी जाती है. इसके उपरांत राष्ट्रपित महात्मा गांधी और अन्य शहीदों की याद में 2 मिनट का मौन धारण किया जता है.

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