भगवान राम से जुड़े बेहद रोचक तथ्य

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Lord Rama In Hindi | Ram god Facts in Hindi | भगवान श्री राम से जुड़े 16 बेहद रोचक तथ्य

  1. भगवान राम से सम्बन्धित मुखतः दो ग्रन्थ हैं – तुलसीदास द्वारा रचितश्री रामचरित मानस और वाल्मीकि जी द्वारा रचित  वाल्मीकि रामायण। पर दोनों ग्रंथों में ऐसी कई बाते हैं जो  मेल नहीं खाती हैं.
  2. बहुत कम लोगों को पता है कि राम की एक बड़ी बहन भी थीं, जिनका नाम शान्ता था।
  3. राम नाम रघु राजवंश के गुरु महर्षी वशिष्ठ ने दिया था।

4.वाल्मीकि रामायण के अरण्य कांड में बताया गया है कि राम और सीता को जब वनवास हुआ तब सीता की उम्र 18 वर्ष और राम की उम्र 25 वर्ष थी। शादी के बाद बारह साल तक सीता अयोध्या में रहीं।

5.जिस जंगल में भगवान् राम, सीता मैया और लक्षमण जी ने वनवास काटा था उस जंगल का नाम दंडकारण्य था.

  1. 6.वनवास जाते समय भगवान् राम की आयु 27 वर्ष थी.

7.रावण भगवान शिव का भक्त था। उसने भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए उन्हें अपना सिर काटकर अर्पित कर दिया था, लेकिन भगवान की कृपा से उसका सिर पुनः स्थापित हो जाता था। ऐसा 10 बार हुआ और यही वजह है कि रावण के दस सिर थे।

  1. भगवान् विष्णु के 1000  नामों में राम नाम 394 नम्बर पर दर्ज है.

9.आपको तो यह पता ही होगा कि भगवान राम भगवान विष्णु के अवतार थे, लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि लक्ष्मण नागों के राजा शेषनाग के अवतार थे।

10.वनवास के लगातार 14 सालों तक लक्ष्मण कभी नहीं सोए। उन्होंने निद्रा देवी से प्रार्थना की थी कि उन्हें राम और सीता की सेवा करने का मौका दिया जाए।

11.वनवास के समय सीता का नाम वैदेही पड़ा था।

12एक बार भगवान राम यम से मिले थे और उस दौरान उन्होंने कहा कि जो कोई भी उनके बातचीत में बाधक बनेगा वह मौत की सजा का अधिकारी होगा। दुर्भाग्य से लक्ष्मण कमरे में आ गए और उन दोनों की बातचीत में बाधक बन गए। बाद में राम के वचन की रक्षा के लिए लक्ष्मण ने अपने प्राण त्याग दिए।

13.रामचरित मानस के अनुसार कि राम-रावण का युद्ध 32 दिन चला था जबकि दोनों सेनाओं के बीच 87 दिन तक युद्ध हुआ.

14.सीता जी के स्वयंवर में राम जी ने शिव जी के जिस धनुष को तोड़ा था उसका नाम पिनाक था.

15.जब वानरसेना राम सेतु का निर्माण कर रही थी, तब एक गिलहरी भी रेत लाकर उनकी मदद कर रही थी। बंदर उस गिलहरी का मजाक उड़ाने लगे, लेकिन भगवान राम ने उस गिलहरी की प्रशंसा की और उसकी पीठ पर हाथ फेरा। यही वजह है कि बाद गिलहरी के ऊपरी हिस्से पर तीन धारियों के निशान बन गए।

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16.राम का अवतार एक पूर्ण अवतार नहीं माना जाता है क्योंकि उनको 14 कलाएं ज्ञात थीं. श्री कृष्ण सोलह की सोलह कलाओं में पारंगत थे. ऐसा जान बूझ कर किया गया था क्योंकि रावण को कई वरदान प्राप्त थे, लेकिन एक मनुष्य उसका वध कर सकता था.

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साधना अजबगजबजानकारी की एडिटर और Owner हूं। मैं हिंदी भाषा में रूचि रखती हूं। मैं अजब गजब जानकारी के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हूं | मुझे ज्यादा SEO के बारे में जानकारी तो नहीं थी लेकिन फिर भी मैने हार नहीं मानी और आज मेरा ब्लॉग अच्छे से काम कर रहा है।

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