लोन बापिस नहीं कर रहे थे कोठरी फिर भी देती रही कांग्रेस ,जानिये बिस्तार से मामला

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देश में जब तलक कांग्रेस की सरकार थी सब घोटाले बाजो के मजे थे। देश में जब तलक कांग्रेस की सरकार थी क्या उनके मंत्री और क्या घोटालेबाज और खुद कांग्रेस ने जम कर देश के खजाने और देश की जनता के मेहनत के पैसे को लूटा। और आज जब देश में मोदी की सरकार आ गई है। तब से जिन जिन लोगो ने देश की जनता का पैसा खाया था। सब मोदी सरकार एक एक करके बाहर निकलवा रही है। कुछ लोग तो विदेश भाग गए मगर कुछ लोग सरकार के अंडर आ गए। और उन लोगो पर कांग्रेस सरकार की तरह किसी तरह की नरमी नहीं बरती गई बल्कि तुरंत गिरफ्तार किये गए बह लोग।

देश के अंदर जिस तरह से घोटाले बाजो के बुरे दिन आ रहे है। उसे देख कर तो यही लग रहा है की देश के अच्छे और घोटाले बाजो के बुरे दिन सुरु हो गए है। जो लोग कहते थे की नोट बंदी से क्या फायदा हुआ तो कान खोल कर उन लोगो को सुनाओ की यह फायदा हुआ। अगर आप लोग खुद सोच कर देखो की नोट बंदी न हुई होती तो ये सभी घोटाले बाले चोर आज बही दीबारो में जमा काले धन की गड्डी देश को थमाते और खुद वाइट कर बन जाते। मगर आज नोट बंदी से ये फायदा हुआ जो काले थे बह काले हो कर ही बाहर आ रहे है। और मोदी सरकार उनके इस तरह से कर रही है खुलाशे।

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अब बात करते है नए उजागर हुए घोटाले की। घोटाले की जड़ को देखा जाए तो सीधे तौर पर कांग्रेस की सरकार के समय से जुडी हुई है। अब आपको उस घोटाले बाज के बारे में बता देते है। ये महाशय है रोटोमैक कंपनी के मालिक जी हां आपने सही पढ़ा है ये बही रोटोमैक है जिसका पेन हम लोग लिखने के लिए इस्तेमाल करते है। उसी पेन निर्माता कंपनी के मालिक है विक्रम कोठारी और यह घोटाले का आरोप उन पर ही लग रहा है इस बक्त।

 

विक्रम कोठारी की बात की जाए तो बह पेन निर्माता भारत की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है। जो की कागज़ पर लिखने के लिए इस्तेमाल किये जाने बाले पेन का निर्माण करती है। विक्रम कोठारी उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर के रहने बाले है। और इन महाशय पर भी विजय माल्या और नीरव मोदी की तरह ही बिलकुल अनेको बैंको के करोडो रूपये का कर्जा है।

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परन्तु इन्होने इस बैंक के लिए हुए पैसे को अभी तलक बैंक को बापिस नहीं किया है। और अब बात करते है कांग्रेस की शाशन काल की तो आप लोगो ने एक ट्विटर के तस्बीर तो देख ही ली होगी। और यह ट्विटर करने बाले कोई आम नहीं बल्कि खाश है क्यूंकि इनके पेज पर आपको जो व्लू टिक दिख रही है न इसका मतलब है ट्विटर ने उन्हें आम से खाश होने पर ही दिया है। अब बात करते यही की इन महाशय विक्रम कोठारी को जो भी लोन के रूप में पैसे मिले थे बैंक से बह सब कांग्रेस की ही सरकार के समय मिले थे। और बैंक इन्हे भर भर कर पैसे देती रही।

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साल 2008 से लेकर साल 2013 तक विक्रम कोठरी को लगातार 5 साल लोन दिए गए, और इनमे से अगर आप लोग ज्यादा ध्यान से देखने तो पता चलेगा की हजारो करोड़ रूपये लोन के रूप में सरकारी बैंक ने दिए है। 2008 से लेकर 2013 तलक ये महाशय लोन लेते रहे। और बैंक भी इन्हे दामाद समझ कर देती रही। किसी ने इनसे कुछ नहीं पूछा की आप और बैंको के या हमारी बैंक का बकाया पहले क्यों नहीं देते है। और न ही इन्होने किसी बैंक को कर्जा बापिस किया अभी तलक और बैंक लगातार देती रही और मजे की बात तो ये है सारा का सारा कर्जा कांग्रेस सरकार में ही मिला इन्हे। मोदी सरकार से मिला तो जेल और घोटाला मामले का आरोप।

क्यूंकि सत्ता में मोदी सरकार आयी 2014 में फिर मोदी जी ने लगाम लगाई काले धन के ऊपर और फिर की नोट बंदी और अब सब को समझ आ जानी चाइये की क्यों जरूरी थी नोट बंदी। अगर अभी भी न समझ आ रहा है नोट बंदी का मसला तो देश नहीं बल्कि आप एक होनहार और काबिल प्रधानमंत्री को खो दोगे। क्यूंकि जो भी प्रधानमंत्री कर रहे है बह सब देश हित में न की अपने परिबार और किसी रसूद खोर के लिए।

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