सुप्रीम कोर्ट सुना सकता है दो बच्चो को लेकर अहम् फैसला ,जिसे सुन कर ओबैसी जैसो के होश उड़ना तय

0
283
source
source

हमारा देश भी यारो बड़ा ही विचित्र है। यंहा अगर किसी से कोई मदद मानगो या न मांगो मगर ज्ञान जरूर दे देते है बोह भी मुफ्त में। आप सब ने देखा ही होगा की देश की जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए किस तरह से लोगो ने दो बच्चो को लेकर अपनी जिज्ञाषा दिखाई थी। ये आबाज इस लिए उठाना जरूरी हो गया था जिससे देश के अंदर आबादी काम हो सके और कम आबादी की बजह से लोगो को अधिक से अधिक सुविधाएं मिल सके और हमारा देश भी तरक्की की राह पर चल सके। कभी तो हमारे देश को ये आरछण मार जाता है तो कभी बचा कुचा आबादी जंहा एक जगह पर हजार नौकरी निकलती है तो पुरे देश के अंदर से लाखो बेरोजगार के आबेदन आ जाते है उस नौकरी के लिए। इसी बजह से देश के अंदर अच्छे पढ़े लिखे युबाओ तलक को नौकरी नहीं मिल पाती है।

अब आप समझ ही गए होंगे की देश के अंदर जनसख्या पर रोक लगाना कितना जरूरी हो चूका है। नौकरी एक और उसके लिए आबेदन हजारो की तादाद में। अगर आपने अपने आस पास देख होगा तो पाया होगा की देश के अंदर सबसे ज्यादा बच्चो की तादाद मुश्लिम परिबारों के अंदर ज्यादा पाई जाती है। इनके यंहा लोग अपने मजहब को लेकर इतने सजग रहते है की एक बार अगर किसी बड़े मौलाना ने उन्हें कह दिया की बच्चे पैदा करनी सबब का काम है। तो फिर क्या बह लग जाते है सबब कमाने के लिए फिर चाहें उनके बच्चो को खाने के लिए मिल पाए या न मिल पाए पहले बाले बच्चे की अच्छी पारबरीश हो पाए या न हो पाए बह ठीक से पढ़ पाए या नहीं तब तलक उन्हें सबब के चक्कर में दूसरा तैयार करना ही है। और फिर इन्ही समुदाय के लोगो के द्वारा कहा जाता है की इनके बच्चो के साथ देश के अंदर भेदभाव किया जाता है की उन्हें नौकरिया नहीं मिल पाती है।

source
source

अब आपको बता दे खबरों के मुताबिक़ सुप्रीम कोर्ट में इन्ही सभी समस्या को ध्यान में रखते हुए एक साथ तीन याचिकाए दायर की गई है। एक प्रतिष्ठित अखबार के मुताबिक़ इस याचिका में कहा गया है की जो दो बच्चो की नीति अपनाने पर जोर देगा सरकार उसको प्रोतसाहित करेगी और जो भी इन नियमो को नहीं मानेगा उसे दंड मिलेगा।

source
source

आपको बता देते है कि एडवोकेट प्रिया शर्मा ,अनुज सक्सेना ,और पृथ्बीराज चौहान के द्वारा सुप्रीम कोर्ट के अनादर दायर एक याचिका में कहा गया है की जिस तरह से देश के अंदर दिन व दिन जनसंख्या की बृद्धि हो रही है उसे देख कर तो ऐसा ही लगता है की देश 2022 तक 1.5 अरब आबादी को पार कर लेगा। इसी याचिका में याचिका कर्ताओ ने कोर्ट को बढ़ती जनसख्या से होने बाले नुक शानो से भी अबगत कराने की कोसिस की है। गरीबी, बेरोजगारी, खराब स्वास्थ्य, प्रदूषण, निरक्षरता तथा ग्लोबल वॉर्मिग जैसे रूप हमे देखने को मिलेंगे अगर हमने समय रहते देश के अंदर बढ़ती हुई जनसख्या पर लगाम नहीं लगाई तो।

source
source

इन सभी याचिकाओं की अगले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट में सुनबाई होने की सम्भाबना नजर आ रही है। जिसमे केंद्र सरकार को देश हित में जनसँख्या को लेकर एक बेहतर नेति बनाने के लिए कहा जाए। अगर अब ऐसी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अपना सही फैसला ले लेता है और केंद्र सरकार को ऐसा कानून बनाने का हुक्म दे देता है तो ओबैसी जैसो के होश फक्त होना लाजिमी बात है। क्यूंकि उन जैसे लोगो की बजह से ही देश में मुश्लिम समुदाय को भड़काया जाता है। ओबैसी की जिस तरह की हिन्दुओ को लेकर नीति बनी रहती है उसे देख कर तो यही लगता है की इस तरह का कानून जल्द से जल्द पास हो सके। जिससे हर समुदाय में चाहे बह हिन्दू धर्म हो या फिर मुश्लिम या सिख सभी धर्मो के मानने बाले बच्चो को उच्च सुबिधाये और अच्छे नौकरी मिल सके न की किसी के भड़काने से दंगे।

REGISTER करें और पायें प्रत्येक Educational and Interesting Post, अपने EMail पर।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here