हिन्दू धर्म के महान समाज सुधारक इस महापुरुष का हुआ निधन ,प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने भी किया अपना दुःख प्रकट

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जंहा पूरा देश इस बक्त श्री देवी के अनितम यात्रा को लेकर दुःख प्रकट कर रहा है। बनही हिन्दू धर्म के लिए और उनको मानने बालो के लिए एक बहुत ही दुखद खबर आई है। हिन्दू धर्म के एक महान पुरूष का अभी अभी निधन हो गया है। जिससे पूरे देश और हिन्दू धर्म को मानने बालो में शोक की लहर दौड़ पडी है। बताया जा रहा है कि कांचीपुरम मठ के शंकराचार्य अब हमारे बीच नहीं रहे है। ये बहुत ही दुःख की बात है। अभी अभी उन्होंने अंतिम सांस ली है। और इस निधन के बाद से ही पूरे हिन्दू धर्म और उनके अनुयाइयों में एक शोक की लहर दौड़ पडी है। शंकराचार्य के निधन के बाद खुद प्रधानमंत्री मोदी और देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपना दुःख प्रकट कर शोक जताया है।

खबरों के मुताबिक़ पता चला है ,कि कांचीपुरम के शंकराचार्य जयेन्द्र सरस्वती काफी लम्बे समय से बीमार चल रहे थे। और अभी अभी अंतिम सांस लेकर इस दुनिया को अलबिदा कह भगबान की सरण में हमेशा हमेशा के लिए चले गए है। जंहा इस बक्त उनके अनुयायी उनके निधन के बाद शोक जता रहे है। बन्हि देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने भी उनके अकस्मात निधन पर शोक प्रकट किया है। आपको बता दे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कांचीपुरम के शंकराचार्य के बहुत ही करीबी थे। और अक्सर उनको शंकराचार्य के किसी भी कार्यक्रम में देखा जा सकता था।

 

शंकराचार्य जयेन्द्र सरस्वती कांचीपुरम पीठ के 69वें शंकराचार्य और कामकोटि पीठ के पीठाधिपति थे। खबरों के मुताबिक बताया जा रहा है काफी लम्बे समय से बीमार चल रहे शंकराचार्य को कुछ महीनो से साँस लेने में काफी दिक्क्त हो रही थी। इसी लिए उन्हें अस्पताल में बेहतर इलाज के लिए भर्ती किया गया था। काफी लम्बे समय से बीमारी से लड़ते हुए शंकराचार्य ने आज एक प्राइवेट अस्पताल में अंतिम सांस ले इस दुनिया को अलबिदा कह हमेशा हमेशा के लिए भगवान् की सरण में चले गए।

आपको यही पर बता दे की शंकरचार्य का जीवन काफी बिबादो में भी रहा है। जयललिता की सरकार में कांचीपुरम के वर्धराज पेरूमल मंदिर के मैनेजर शंकररमन की हत्या के एक मामले में शंकराचार्य जयेन्द्र सरस्वती को गिरफ्तार भी किया गया था। हालाँकि इस मामले की पूरी तरह से जांच होने के बाद शंकराचार्य जीरंद्र सरस्वती को निर्दोष घोसित कर उन्हें बरी कर दिया गया था। इन सबके बाद अब शंकराचार्य के अक्समात निधन के बाद उनकी गद्दी का बारिश कौन बनेगा इस बात पर चर्चा जोर पकड़ रही है। लेकिन एक तरफ खबरों के मुताबिक बताया जा रहा है। की शंकराचार्य के निधन के बाद उनकी गद्दी का बाइश विजयेंद्र सरस्वती को बनाया जायेगा।

 

आपको बता दे विजयेंद्र सरस्वती शंकराचार्य जयेन्द्र सरस्वती के काफी करीबी सिस्यों में से एक है। उनके कार्य काल के समय विजयेंद्र सरस्वती ने कांची कमाकोटी पीठ को काफी सारे चैरीटेबल कामो में लगाया था। जिससे समाज का एक बेहतर तरीके से भला हो सके। विजयेंद्र सरस्वती ने काफी सारे अस्प्ताल, स्कूल का निर्माण कराया था। एक और बात आपको यंहा पर बता दे की अयोध्या के राम मंदिर को लेकर भी शंकराचार्य जयेन्द्र सरस्वती ने इस पूरे मामले को शांति के साथ सुलझाने के सुझाव दिया था।

 

कांची मठ की स्थापना 8वीं शताब्दी में आदि शंकराचार्य ने की थी। इसके बाद इस मठ पर कई शंकराचार्य ने भगवान की सेवा की। इसके बाद साल 1954 में शंकरचार्य जयेन्द्र सरस्वती को इस मठ की सेवा का कार्यभार सौपा गया था। और साल 1994 में जयेन्द्र सरस्वती को कांची कामाकोटी का पीठाधीश बनाया गया , आपको बता दे कांची पीठ काफी सारे समाज के हित के लिए कार्य करता रहा है। कांची पीठ के तत्वाधान में काफी सारे आँखों के अस्पताल ,स्कूल का निर्माण कराया गया है। और इसी लिए हर कोई इस पीठ को और इसके शंकराचार्य की इज्जत दिल से करता है। और इसी लिए खुद प्रधानमंत्री मोदी को काफी बार शंकराचार्य जयेन्द्र सरस्वती के साथ देखा जा सकता है। शंकराचार्य के निधन की खबर के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर अपना दुःख प्रकट किया।

प्रधानमंत्री के ट्वीट के बाद काफी सरे देश के गणमान्य लोगो ने भी उनके निधन पर अपना दुःख प्रकट किया है। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से लेकर राहुल गाँधी ने भी ट्वीट कर शंकराचार्य के निधन पर अपना दुःख प्रकट किया है।

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