ईरान के राष्ट्रपति ने दिया भारत को लेकर बड़ा बयान, मुश्लिम और गैर मुश्लिम …..

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जब से भारत देश के प्रधानमंत्री मोदी हुए है। दुनिया के अन्य देशो ने भारत का लोहा माना है। मोदी की विदेश नीति काबिले तारीफ़ है। बह जिस भी देश मैं जाते है। बन्हा से भारत में करने के लिए निवेश और बन्हा से प्रगति के लिए मुमकिन चीजे भारत के लिए लाते है। ये मोदी की विदेश नीति का ही नतीजा है। की विश्व की सबसे बड़ी महाशक्ति अमेरिका जैसा देश भारत को अपना देश सम्बोधित करता है। इतना ही नहीं विदेश के अंदर अन्य देशो मैं भी भारत का लोहा माना गया है। इसी कारण आज ईरान भी भारत में अपने निवेश को लेकर उत्सुक दिख रहा है।

आपको पता होगा इस समय ईरान के राष्ट्रपति भारत दौरे पर है। और भारत आने के बाद उन्होंने भारत को लेकर अपना एक ऐसा बयान दिया है। जिसे सुनकर सायद ही आपको यकीन होगा। ईरान के राष्ट्रपति ने अपने एक सम्बोधन मैं कहा है। कि ईरान भारत के साथ करीबी रिश्ते चाहता है। और ईरान भारत के साथ अपनी दोस्ती को हमेशा कायम रखना चाहता है।

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भारत दौरे पर ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है की। दुनिया भर मैं आप कंही भी चले जाए जो की भारत की पहचान है उसे कोई नहीं बदल सकता है। “भारत में ‘विविधता में एकता’ की संस्‍कृति और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्‍व की तारीफ करता हूँ। भारत में आप मंदिर और पूजा स्थल देखते है। बे सभी इस बात का सबूत है की यंहा सब बर्ग के लोग शांति के साथ रह रहे है। ईरानी राष्ट्रपति ने आगे बढ़ते हुए कहा है की भारत में मुश्लिम और गैर मुश्लिम सभी लोग शांति पूर्ण तरिके के साथ मिल कर रहते है।

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आपको सायद ही पता हो हसन रूहानी 2013 में ईरान के राष्ट्रपति बने थे। और अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के समय उनका भारत मैं यह पहला दौरा है। और उन्होंने अपने सम्बोधन को पूरा करते हुए कहा है। ईरान पूरब से एकजुटता ,स्वतंत्रता और समर्थन चाहता है। और ईरान भारत के साथ हमेशा भाई चारा चाहता है। और इसी के साथ ईरान अपने किसी अन्य देश के साथ भी कोई मतभेद नहीं रखना चाहता है।

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यकीनन उन कुछ कंटरपंथी सोच बाले मुश्ल्मानो को यह सुन कर जरूर झटका लगा होगा। जो कहते रहते है की भारत अब उनके लिए सुरच्छित देश नहीं बचा है।

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