गोरखपुर दंगा : गोरखपुर दंगे को लेकर हाई कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला ,अब मुख्य्मंत्री योगी को….

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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर। इलाहाबाद हाई कोर्ट में एक याचिका की सुनबाई हुई जिसमे कहा गया था कि 2007 में हुए गोरखपुर के अंदर दंगो के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कथित भासण की पुनः जांच की जाय। आपको यंहा पर बताते चले की साल 2007 में गोरखपुर के अंदर काफी बड़ा दंगा हुआ था ,जिसकी जाँच हुई थी। मगर उसी दंगे को लेकर कुछ बिरोधियो ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सबाल खड़े कर दिए थे और इसी सिलसिले को जारी रखने की बजह से बिरोधियो की तरफ से इलाहाबाद हाई कोर्ट के अंदर एक याचिका ये कहते हुए लगाई गई थी दंगे से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भासणो की पुनः जांच की जाये। मगर इलाहबाद ने इस याचिका को आज सिरे से ख़ारिज भी कर दिया है। अगर पुनः जांच होती तो बिरोधियो के मुख्यमंत्री पर हमला करने का एक नया मौक़ा मिल जाता।

इस याचिका के ख़ारिज के ख़ारिज हो जाने से योगी जी के बिरोधियो को मुंह की खानी पडी है। बंही योगी आदित्यनाथ के लिए ये एक राहत की बात है। खबरों के मुताबिक जस्टिस कृष्णा मुरारी और ए सी शर्मा की बेंच ने 22 फरवरी यानी की आज के दिन खारिज करते हुए कहा है कि ”पुलिस द्वारा की गयी जाँच मैं अदालत को कोई खामी नहीं मिली है ” इतना ही नहीं राज्य सरकार की ओर से दायर याचिका में जिसमे कहा गया था।

 

की प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई मुकददमा न चलाया जाय इस याचिका पर भी अदलात ने कोई आपत्ति नहीं जताई है। जिससे ये अब साफ़ हो गया है की जांच के लिए दायर याचिका का मामला निराधार है और इसी लिए अदालत ने अपने बिबेक के आधार पर उस जांच बाली याचिका को सिरे से ख़ारिज कर दिया है आज।

खबरों की मने तो साल 2008 में मोहम्मद असद हयात और परबेज नाम के दो सख्स की तरफ से इस याचिका को कोर्ट में दिया गया था। इसी याचिका में उन्होंने आरोप लगाया था की गोरखपुर दंगो के समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जो (उस समय मुख्यमंत्री नहीं थे) भड़काऊ भाषण दिए थे। इसी मामले में एक FIR भी पुलिस के पास दर्ज कराई गई थी और उस FIR को दर्ज कराया था परबेज नाम के एक सख्स ने। और उसी केश को लेकर परबेज ने असद हयात को चश्मदीद के नाम पर पेश किया था। अब जिस तरह से कोर्ट ने केश को सिरे से खारिज किया उसे देखते हुए तो यही लग रहा है कि बिरोधियो का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को फ़साने की योजना पर एक बार फिर से पानी फिर गया।

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