2 Lines Shayari, Two Line Short Shayari, dosti shayari ..

0
1910

बस ये ही बात मुझे उसकी अच्छी लगती है,
उदास करके कहते है, नाराज तो नही हो ना।

रिश्ता उन से इस कदर मेरा बढ़ने लगा,
वो मुझे पढ़ने लगे, हम उन्हें लिखने लगे।

पुराने आशिक वफा तलाश करते थै,
आजकल के आशिक जगह तलाश करते है।

इतनी ठोकरे देने के लिए शुक्रिया ए-ज़िन्दगी,
चलने का न सही, सम्भलने का हुनर तो आ गया।

फितरत किसी की ना आजमाया कर ऐ जिंदगी,
हर शख्स अपनी हद में बेहद लाजवाब होता है।

खामोश बैठें तो लोग कहते हैं उदासी अच्छी नहीं,
ज़रा सा हँस लें तो मुस्कुराने की वजह पूछ लेते हैं।

ये आशिको का ग्रुप है जनाब..
यहाँ दिन सुरज से नही दीदार से हुआ करते है।

उम्र कैद की तरह होते हे कुछ रिश्ते,
जहा जमानत देकर भी रिहाई मुमकिन नही।

कमाल का जिगर रखते है कुछ लोग,
दर्द पढ़ते है और आह तक नहीं करते।

कभी कुछ रिश्ते इस कदर घायल कर देंते है,
की अपने ही घर लौट पाना मुश्किल हो जाता है।

उम्मीद ना करो इस दुनिया से किसी से हमदर्दी,
की बड़े प्यार से जख्म देते हैँ, शिद्दत से चाहने वाले।

ख्वाब हमारे टूटे तो हालात कुछ ऐसी थी,
आँखे पल पल रोती थीं, किस्मत हँसती रहती थी।

मेरी तमन्नाओं की दुनिया पर उदासी छा गयी,
भूली थी कभी जो दास्ताँ आज फिर याद आ गयी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here