Shayari on friendship in hindi | Friendship शायरीं प्रसिद्ध शायरों की कलम से Part- 2

Friendship shayari in hindi, हिंदी शायरी दोस्ती के लिये, friendship shayari in english

-1-

मेरे दोस्त की पहचान यही काफी है
वो हर शख्स को दानिस्ता खफा करता है

( दानिस्ता  =  जान बूझकर)

अहमद फ़राज़

Mere dost ki pehchan yahi kaafi hai
Wo har shakhs ko danista khafa karta hai

Ahmad Faraz

-2-

ढूँढ़ने पर भी न मिलता था मुझे अपना वजूद
मैं तलाश-ए-दोस्त में यूँ बेनिशाँ था दोस्तो

जगन्नाथ आज़ाद

Dhoondane par bhi na milta tha mujhe apna wajood
Main talaash-e-dost mein yun benishaan tha dosto

Jagannath Azad

इन्हे भी पढ़ें-  Friendship शायरीं प्रसिद्ध शायरों की कलम से Part- 1

-3-

बाद मरने के भी छोड़ी न रफ़ाक़त मेरी
मेरी तुर्बत से लगी बैठी है हसरत मेरी

(रिफ़ाक़त  =  दोस्ती;  तुर्बत  =  कब्र)

अमीर मीनाई

Baad marne ke bhi chhodi na rafaaqat meri
Meri turbat se lagi baithi hai hasrat meri

Ameer Minai

-4-

पत्थर लिए हर मोड़ पे कुछ लोग खड़े हैं
इस शहर में कितने हैं मिरे चाहने वाले

असग़र गोरखपुरी

Patthar liye har mod pe kuchh log khade hain
Is shahar mein kitane hai mire chaahane waale

Aasgar Gorakhpuri

-5-

दुश्मनों की जफ़ा का ख़ौफ़ नहीं
दोस्तों की वफ़ा से डरते हैं

(जफ़ा  =  दुश्मनी;  वफ़ा  =  प्यार)

हफ़ीज़ बनारसी

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Dushmanon ki zafa ka khauf nahin
Doston ki wafa se darte hain

Hafeez Banarasi

-6-

इस अजनबी शहर में ये पत्थर कहां से आया “फराज़”
लोगों की इस भीड में कोई अपना ज़रूर है

अहमद फ़राज़

Is ajnabi sehar me ye patthar kahan se aaya “Faraz”
Logon ki is bheed me koi apna zaroor hai

Ahmad Faraz

-7-

मैं मुद्दतों जिया हूँ किसी दोस्त के बग़ैर
अब तुम भी साथ छोड़ने को कह रहे हो ख़ैर

फिराक गोरखपुरी

Main muddaton jiya hun kisi dost ke bgair
Ab tum bhi saath chhodne ko kah rahe ho khair

Firaq Gorakhpuri

-8-

लाख बेमेहर सही दोस्त तो रखते हो “फ़राज़”
इन्हें देखो कि जिन्हें कोई सितमगर ना मिला

अहमद फ़राज़

Laakh bemehar sahi dost to rakhte ho “Faraz”
Inhein dekho ki jinhein koi sitamgar na mila

Ahmed Faraz

-9-

मेरे दोस्तों की दिलआजारियों में
मेरी बेहतरी की कोई बात होगी

(दिलआजारी  = कोई ऐसी बात कहना या करना, जिससे किसी का दिल दुखे, सताना, कष्ट देना)

अब्दुल हमीद ‘अदम’

इन्हे भी पढ़ें – shayari in hindi for love Collection Part-8 (दिल शायरी संग्रह पार्ट – 8)

 

Mere doston ki dilaajaariyon mein
Meri behatari ki koi baat hogi

Abdul Hameed Adam

-10-

गमे-दुनिया ने हमें जब कभी नाशाद किया
ऐ गमे-दोस्त तुझे हमने बहुत याद किया

खुमार बाराबंकवी

(नाशाद  = अप्रसन्न, दुखी, नाखुश;   गमे-दोस्त  = गम का साथी)

Gham-e-duniya ne hamein jab kabhi nashaad kiya
Ae gham-e-dost tujhe hamne bahut yaad kiya

Khumar Barabankvi

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